------मुक्तक ------
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समन्दर गम का गहरा था किनारा मिल गया मुझको |
राह दुर्गम थी अंधियारी सितारा मिल गया मुझको |
ज़माने भर की खुशियों से नवाज़ा इस तरह उसने |
बुजुर्गो की दुआओं का सहारा मिल गया मुझको |
------------------ -------अनिल उपहार ----------------
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समन्दर गम का गहरा था किनारा मिल गया मुझको |
राह दुर्गम थी अंधियारी सितारा मिल गया मुझको |
ज़माने भर की खुशियों से नवाज़ा इस तरह उसने |
बुजुर्गो की दुआओं का सहारा मिल गया मुझको |
------------------ -------अनिल उपहार ----------------
ज़माने भर की खुशियों से नवाज़ा इस तरह उसने |
ReplyDeleteबुजुर्गो की दुआओं का सहारा मिल गया मुझको |
बहुत ही शानदार प्रस्तुति। मेरे ने पोस्ट सपनों की भी उम्र होती है DREAMS ALSO HAVE LIFE. पर आपका इंतजार रहेगा।