काव्यांजलि
Thursday, June 2, 2022
मुक्तक(महाराणा प्रताप)
देख हौसले चेतक के मुगलों के छक्के छूट गए।
राणा के मजबूत इरादों से पाखंडी सपने टूट गए।
जिनके दम से हल्दी घाटी गौरव से महिमा मंडित है।
एकलिंग दीवान कठे यह शौर्य भूमि अभिवंदित है।
डॉ अनिल जैन उपहार
‹
›
Home
View web version