काव्यांजलि
Tuesday, January 2, 2024
मुक्तक(पुण्य से फलित)
पुण्य से फलित हुए परिणाम का आधार हो।
अतृप्त मन की प्यास हो या नेह का विस्तार हो।
अनसुनी फरियाद हो या हो मौन कोई साधना,
तुम ही बताओ ओ शुभे तुम कौनसा उपहार हो।
डा अनिल जैन उपहार
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