Saturday, February 7, 2026

रोज़ डे

रोज रोज  रोज़ के लिए मचल रहा है मन ,मन का प्रस्ताव स्वीकार कर लीजिए।

सिर्फ प्रस्ताव नहीं भाव है हृदय का ये भाव अपने भाव में शुमार कर लीजिए।

स्नेह से पुरीत सदेव ही रहेगा मन बात साफ साफ अंगीकार कर लीजिए।

प्यार प्रेम मनुहार दिन न विशेष कोई चाहे जब चाहे अनुरोध कर लीजिए।

डॉ अनिल जैन उपहार