Wednesday, March 19, 2014

--------होली------------
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 फागुन  की  मस्ती  प्रिये  

सूना  तुम  बिन  राग   

अलगोजे   की  तान  पर  

लगा  चिढाने   फाग  |

सजन  तुम  क्यों  नही  आये 

विरह  की  आग  जलाये  |

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अनिल उपहार 

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