वो ज़ख्मों को मेरे सहने नही देता ।
रहूँ तनहा तो तनहा रहने नही देता ।
अजीब सियासत है रिश्तों के दरमियाँ
दर्द देता है अश्कों को बहने नही देता ।
----------अनिल उपहार ------
रहूँ तनहा तो तनहा रहने नही देता ।
अजीब सियासत है रिश्तों के दरमियाँ
दर्द देता है अश्कों को बहने नही देता ।
----------अनिल उपहार ------
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