कुछ अपनों का नाम लिखा है चिठ्ठी में ।
जीवन है संग्राम लिखा है चिठ्ठी में ।
गैर को उसने अपना माना भूल हुयी
ये भी इक पैगाम लिखा है चिठ्ठी में ।
----------अनिल उपहार -----
जीवन है संग्राम लिखा है चिठ्ठी में ।
गैर को उसने अपना माना भूल हुयी
ये भी इक पैगाम लिखा है चिठ्ठी में ।
----------अनिल उपहार -----
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