एक पल तो वक़्त के सांचे में ढल कर देखिये ।
रंग जीवन के अधुरे फिरसे भरकर देखिये ।
ग़म के छितराए ये बादल एक दिन छंट जायेंगे ।
कुछ कदम तो साथ मेरे आप चलकर देखिये ।
----------अनिल उपहार ------
रंग जीवन के अधुरे फिरसे भरकर देखिये ।
ग़म के छितराए ये बादल एक दिन छंट जायेंगे ।
कुछ कदम तो साथ मेरे आप चलकर देखिये ।
----------अनिल उपहार ------
No comments:
Post a Comment