कहाँ होगा सफ़र पूरा निगाहें कुछ नही कहती ।
किसी की आस मन में हो तो बाहें कुछ नही कहती ।
मिलेगी मंजिले हमकों यक़ीनन पथ कंटीला है
तुम्हे मालूम तो होगा की राहें कुछ नहीं कहती ।
-----------अनिल उपहार -----
किसी की आस मन में हो तो बाहें कुछ नही कहती ।
मिलेगी मंजिले हमकों यक़ीनन पथ कंटीला है
तुम्हे मालूम तो होगा की राहें कुछ नहीं कहती ।
-----------अनिल उपहार -----
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