देखा तुम्हारा चेहरा तो गुलाब सा लगा ।
उलझे हुए सवाल के जवाब सा लगा ।
आँखों में देखा सैकड़ों पहेलियाँ मिली
नज़रों ने पढ़ के देखा तो किताब सा लगा ।
----------अनिल उपहार -------
उलझे हुए सवाल के जवाब सा लगा ।
आँखों में देखा सैकड़ों पहेलियाँ मिली
नज़रों ने पढ़ के देखा तो किताब सा लगा ।
----------अनिल उपहार -------
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