मिले थे ज़ख्म उल्फत में कहानी याद आती है ।
पली बरसों से आँखों में रवानी याद आती है ।
तुम्हारी इक छुअन से होगई थी देह वृन्दावन
तुम्हारे प्यार की पहली निशानी याद आती है ।
अनिल उपहार
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