Tuesday, August 18, 2020

आओ पेड़ लगाए

धरती को खुशहाल बनाए 
आओ मिलकर पेड़ लगाए।
जीवन की हर श्वास का यारों
इन पेड़ों से गहरा नाता।
इनके बिना नही कोई मौसम
और न कोई मन को भाता।
जीवन का आधार पेड़ है
स्वर्णिम युग का सार पेड़ है।
इनमे गीत ग़ज़ल कविता है ।
इनसे ज़िंदा जीवन सविता है।
अधरों की मुस्कान पेड़ है।
त्योहारों का श्रृंगार पेड़ है ।
आओ सब मिल पेड़ लगाए।
धरती को खुशहाल बनाए।

डॉ अनिल जैन उपहार

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