काव्यांजलि
Thursday, June 1, 2023
मुक्तक 1जून23
किसी की आंख से आंसू गिरे गवारा नहीं।
थोथे शब्दों से किसी को कभी दुलारा नही।
मेरे किरदार ने मुझको फकत सिखाया यही,
जिंदगी बिन तेरे अब तो कोई सहारा नहीं।
डा अनिल जैन उपहार
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