जोड़ कर दोनों हाथों कों श्रद्धाओं के,
तुझको करता हूँ अर्पित सुमन शारदे |
दास चरणों का अपने मुझे जानकर
करले स्वीकार मेरा नमन शारदे |
(१)
चाहे लेखक या शायर हो चाहे कवि
तेरी नज़रों में हें ये बराबर सभी |
ले के कन्या कुमारी से कश्मीर तक,
हें ये तेरा ही सारा चमन शारदे |
(२)
प्यार मुझको मिला और जो शोहरत मिली
सच तो ये हें की तेरी बदोलत मिली |
तू जो करदे करम तो चमक जाऊंगा,
ऐसा कहता हें अब मेरा मन शारदे |
(३)
ये दिखावा नही मेरा ईमान है
जान में जब तलक भी मेरे जान है |
गीत प्यारो मोहब्बत के मैं गाऊंगा,
दे रहा हूँ में तुझको वचन शारदे
----------------------------
( अनिल उपहार )
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तुझको करता हूँ अर्पित सुमन शारदे |
दास चरणों का अपने मुझे जानकर
करले स्वीकार मेरा नमन शारदे |
(१)
चाहे लेखक या शायर हो चाहे कवि
तेरी नज़रों में हें ये बराबर सभी |
ले के कन्या कुमारी से कश्मीर तक,
हें ये तेरा ही सारा चमन शारदे |
(२)
प्यार मुझको मिला और जो शोहरत मिली
सच तो ये हें की तेरी बदोलत मिली |
तू जो करदे करम तो चमक जाऊंगा,
ऐसा कहता हें अब मेरा मन शारदे |
(३)
ये दिखावा नही मेरा ईमान है
जान में जब तलक भी मेरे जान है |
गीत प्यारो मोहब्बत के मैं गाऊंगा,
दे रहा हूँ में तुझको वचन शारदे
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( अनिल उपहार )
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वाह..बहुत सुन्दर ........
ReplyDeleteनीलम दीदी आपका दिलसे आभार
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