Monday, January 27, 2014

जोड़ कर दोनों हाथों कों श्रद्धाओं के,
तुझको करता हूँ अर्पित सुमन शारदे |
दास चरणों का अपने मुझे जानकर 
करले स्वीकार मेरा नमन शारदे |
             (१)
 चाहे लेखक या शायर हो चाहे कवि 
तेरी नज़रों में हें ये बराबर सभी |
ले के कन्या कुमारी से कश्मीर तक,
हें ये तेरा ही सारा चमन शारदे |
            (२)
प्यार मुझको मिला और जो शोहरत मिली 
सच तो ये हें की तेरी बदोलत मिली |
तू जो करदे करम तो चमक जाऊंगा,
ऐसा कहता हें अब मेरा मन शारदे |
            (३)
ये दिखावा नही मेरा ईमान है 
जान में जब तलक भी मेरे जान है |
गीत प्यारो मोहब्बत के मैं गाऊंगा,
दे रहा हूँ में तुझको वचन शारदे 
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              ( अनिल उपहार )
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2 comments:

  1. वाह..बहुत सुन्दर ........

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  2. नीलम दीदी आपका दिलसे आभार

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