खुदा के वास्ते उसको मेरा दिलदार लिख देना ।
यही है आरज़ू दिल की हँसी संसार लिख देना ।
सुनो शिल्पी तराशा तुमने देकर चोट पत्थर को
कभी तुम प्रीत लिख देना कभी मनुहार लिख देना ।
----------@अनिल उपहार
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