काव्यांजलि
Sunday, August 7, 2016
क्या यही प्यार है (मुक्तक)
रस्मे उल्फत यही क्या यही प्यार है । मौन की बीच अपने क्यूँ दीवार है । हम भी खोये हुए तुम भी बिखरे हुए तुम भी उस पार हो हम भी इस पार है । अनिल उपहार
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