Tuesday, June 13, 2017

बचपन(मुक्तक)

सारे डर माँ के वो आँचल में छुपा लेता है ।

तंग भी करता है पर सबको हँसा देता है ।

वो भी क्या दौरे मुहब्बत का हंसी लम्हा था

याद करता हूँ तो बचपन का पता देता है ।

अनिल जैन उपहार

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