काव्यांजलि
Monday, September 13, 2021
हिंदी दिवस पर(मुक्तक)
हिंदी दिवस की शुभकामनाए।
अभिव्यक्ति का शिखर कलश है, भावों की वन्दनवार है हिंदी।
भारत के भाल का चंदन, नेह भरा उपहार है हिंदी।
अलंकार सुशोभित जिससे राष्ट्र का स्वाभिमान है हिंदी
संस्कृति की उन्नायक है, भाषा का तोरण द्वार है हिंदी।
डॉ अनिल जैन उपहार
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