काव्यांजलि
Friday, April 19, 2024
मुक्तक (सहजता)
सहजता की क्या कीमत है कभी तुम जान न पाए।
मिली मेहनत से ये शोहरत कभी तुम मान न पाए।
रही छलती सदा ही भावनाए कामनाओं को,
वजह बस इतनी ही सी थी यही तुम जान न पाए।
डा अनिल जैन उपहार
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