ये जो मौन का तिलिस्मी चादर ओढ़े हुए हो न तुम, हर जवाब छुपा है सारी कार गुज़ारियो का । तोड़ कर दूर जाने की बारीकियां और कला महारथ हासिल है तुम्हे बढ़े हुनरमंद हो न तुम, पर अलगाव की आग बड़ी उष्ण होती है जान लो तुम।।।।।
अनिल जैन उपहार
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