काव्यांजलि
Tuesday, June 10, 2025
सोनम रघुवंशी कांड
सिर्फ वासना की खातिर चाल कुटिल चली तुमने।
सप्तपदी को किया कलंकित ये कैसी चुनी गली तुमने।
मां से बेटा दूर किया कोख भी लज्जित कर डाली,
हाथों की मेहंदी शर्मसार है ऐसी कालिख मली तुमने।
डॉ अनिल जैन उपहार
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