काव्यांजलि
Sunday, February 2, 2014
-----मुक्तक ---
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चेहरा पूनम के चाँद जेसा है |
जिस्म सारा गुलाब जेसा है |
सुर्ख होठों पे छलकते प्याले |
नशा इनमें शराब जेसा है
-------अनिल उपहार ---------
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