काव्यांजलि
Monday, June 3, 2024
विश्व सायकल दिवस पर
बचपन के सब शोक थे अपने अजब गजब इन पहियों से।
जीवन की पगडंडी नापी सच में इन दो पहियों से।
खूब गिरे उठकर संभले फिर गिरने को तैयार रहे,
घर की जिम्मेदारी भी क्या खूब निभाई इन पहियों से।
डा अनिल जैन उपहार
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