Monday, July 10, 2023

मुक्तक( असर)

आज सच दुआओ में असर आया है ।

चाँद फिर मेरे आँगन में उतर आया है ।

उसके लहजे को कई बार पढ़ा था मैंने

अक्स जैसे कोई आँखों में उभर आया है ।

अनिल उपहार

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