काव्यांजलि
Friday, December 8, 2023
मुक्तक (चलेंगे संग राहों मैं
कभी तन्हाई में जब गीत मेरे गुन गुनायेगा ।
पियेगा अश्क आँखों से नही उनकों बहायेगा ।
चलेंगे संग राहों में भले ही राह कैसी हो ,
बिना तेरे मुझे यारा ज़माना ये सतायेगा ।
-------अनिल उपहार -------
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment