--------बेटी --------
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जिंदगी की महकती एक गंध है बेटी |
कमनीयता का सलोना एक छंद है बेटी |
त्याग और बलिदान के इतिहास में,
सेवा समर्पण से जुड़ा अनुबन्ध है बेटी |
खिले गुलाब की मधुर एक पांखुरी है बेटी |
मधुरिम है जिससे जीवन, वह माधुरी है बेटी |
ज़ख़्मी कलेजे से भी, बेदर्द ज़माने कों ,
मीठे सुनाती नगमें, वह बांसुरी है बेटी |
रिश्तों की देहरी पर, दीप प्रीत के धरे |
सम्बन्धों कों विस्तार दे, वह धुरी है बेटी |
किलकारियों से गोद भरने को ज़माने की |
आज तक मिटती रही, वह कस्तूरी है बेटी |
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जिंदगी की महकती एक गंध है बेटी |
कमनीयता का सलोना एक छंद है बेटी |
त्याग और बलिदान के इतिहास में,
सेवा समर्पण से जुड़ा अनुबन्ध है बेटी |
खिले गुलाब की मधुर एक पांखुरी है बेटी |
मधुरिम है जिससे जीवन, वह माधुरी है बेटी |
ज़ख़्मी कलेजे से भी, बेदर्द ज़माने कों ,
मीठे सुनाती नगमें, वह बांसुरी है बेटी |
रिश्तों की देहरी पर, दीप प्रीत के धरे |
सम्बन्धों कों विस्तार दे, वह धुरी है बेटी |
किलकारियों से गोद भरने को ज़माने की |
आज तक मिटती रही, वह कस्तूरी है बेटी |
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