Friday, February 15, 2019

पुलवामा की घटना पर

रक्त रंजीता देख के माँ को हर कोई शर्मिंदा है ।

कैसे अपना कह दें उसको ,जो रहा सदा दरिंदा है।

कितनी लाशें और ढोएंगे पूछ रहा है तिरंगा,

बूढ़ी सांसे सिसक रही है ,लेकर आंखों में गंगा ।

हिमगिरि मौन खड़ा कबसे,घायल माता रोती है ।

देख शहादत वीरों की,हर आस खोखली होती है ।

पुलवामा के ओ जाबांजो,बलिदान व्यर्थ नही जायेगा।

इतने शीश उतारेंगे हम ,वो सोच सोच थर्राएगा ।

अनिल जैन उपहार

अखबार में उपाधि की खबर



राजस्थान पत्रिका में उपाधि की खबर


भीलवाड़ा का यादगार संचालन


लाजवाब कैथून कवि सम्मेलन का संचालन


Wednesday, February 13, 2019

उपाधि मिली डॉक्टरेट की

कवि अनिल उपहार को डॉक्टरेट की मानद उपाधि
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देश के ख्यातनाम कवि एवं मधुर गीतकार अनिल उपहार को उनकी सुदीर्घ साहित्यिक सेवाओ के लिए विक्रम शिला हिंदी विद्यापीठ भागलपुर ने विद्यावाचस्पति(phd) डॉक्टरेट की मानद उपाधि   देकर सम्मानित किया है ।उपहार को यह उपाधि महाकाल की नगरी उज्जैन के मौन तीर्थ पीठ में विगत दिनों हुए सारस्वत समारोह में प्रदान की गई ।विद्यावाचस्पति phd के समकक्ष माने जाने वाली उपाधि है जिसे मिलने के बाद व्यक्ति अपने नाम के आगे डॉ लिखने को अधिकृत माना जाता है ।कवि अनिल उपहार पिछले 15 वर्षों से हिंदी कवि सम्मेलन के मंचों पर हिंदी गीतकार और मंच संचालक के रूप में पूरे देश मे ख्याति अर्जित कर चुके है कई tv चेनल पर पर इनके कार्यक्रम प्रस्तुत होते रहे है पिछली बार  देहली दूरदर्शन पर हुए राष्ट्रीय कवि सम्मेलन पर इनके काव्यपाठ को 112 देशो में प्रसारित किया गया था जो पिड़ावा जैसे कस्बे के लिए गौरव की बात है ।इनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है ।