तुम्हारे प्यार की कश्ती में सागर पार कर जाते ।
इशारा हो अगर तेरा तो हम पतवार बन जाते ।
तुम्हारी इक छुअन से होगयी है देह वृन्दावन
अगर होजाती तुम राधा तो हम घनश्याम बन जाते
अनिल उपहार
इशारा हो अगर तेरा तो हम पतवार बन जाते ।
तुम्हारी इक छुअन से होगयी है देह वृन्दावन
अगर होजाती तुम राधा तो हम घनश्याम बन जाते
अनिल उपहार