काव्यांजलि
Tuesday, August 13, 2024
मुक्तक(किरदार)
तू ही किरदार रहा है मेरे फसाने का ।
तू ही अंदाज़े बयां है मेरे तराने का ।
मेरे अधरों पे जो मचले वो गीत भी तू है
तुझसे सीखा है हुनर मैंने गुनगुनाने का ।
डा अनिल जैन उपहार
anil uphar
Monday, August 12, 2024
गुरु मां पूर्णमति माताजी के साथ चर्चा करते हुए।ग्वालियर में दीक्षा महोत्सव समारोह में।
खूबसूरत पल ग्वालियर की धरती पर
वंशिका जराल के साथ मंच साझा करते हुए ग्वालियर मध्य प्रदेश में
बहुत खूबसूरत यादगार कार्यक्रम
ख्यातनाम गायिका वंशिका जराल के साथ
मुक्तक(किरदार)
तू ही किरदार रहा है मेरे फसाने का ।
तू ही अंदाज़े बयां है मेरे तराने का ।
मेरे अधरों पे जो मचले वो गीत भी तू है
तुझसे सीखा है हुनर मैंने गुनगुनाने का ।
अनिल जैन उपहार
anil uphar
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