धरती को खुशहाल बनाए
आओ मिलकर पेड़ लगाए।
जीवन की हर श्वास का यारों
इन पेड़ों से गहरा नाता।
इनके बिना नही कोई मौसम
और न कोई मन को भाता।
जीवन का आधार पेड़ है
स्वर्णिम युग का सार पेड़ है।
इनमे गीत ग़ज़ल कविता है ।
इनसे ज़िंदा जीवन सविता है।
अधरों की मुस्कान पेड़ है।
त्योहारों का श्रृंगार पेड़ है ।
आओ सब मिल पेड़ लगाए।
धरती को खुशहाल बनाए।
डॉ अनिल जैन उपहार
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