तेरी रहमत की बारिश से घर मेरा समंदर है मौला ।
पंख दिये है उम्मीदों के मन मस्त कलंदर है मौला ।
जो भी मिला अपनी किस्मत का ये कर्मो की माया है
फिर कैसे फरियाद करें जब वक़्त सिकंदर है मौला।
---------अनिल उपहार ----------
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