हमने तो अहसास लिखा था चिठ्ठी में ।
जीवन को मधुमास लिखा था चिठ्ठी में ।
वो धुंधले अक्षर तुम ही बांच नही पाये
खोया हुआ विश्वास लिखा था चिठ्ठी में ।
अनिल उपहार
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