Saturday, June 5, 2021

मुक्तक(विश्व पर्यावरण दिवस)

विश्व पर्यावरण दिवस पर

खूब दिया हमने न सहेजा सांसे तक लाचार दिखी।

प्रकृति की अन देखी की तो सांसे खुद बाज़ार बिकी।

जंगल सारे काट दिये जब भौतिक सुख की आशा में

छोटे से एक कीट ने आकर इंसानी औकात लिखी।

डॉ अनिल जैन उपहार

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