ज़िन्दगी की महकती एक गंध है बेटी ।
कमनीयता का सलोना सा छंद है बेटी ।
त्याग और बलिदान के इतिहास में
सेवा समर्पण से जुड़ा अनुबंध है बेटी ।
अनिल उपहार
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