चमचो की चमचागिरी,अफसरों की अफ़सरगिरी ,नेताओं की नेतागिरी ,देखली जी देश ने ।
दुष्टों की भी दुष्टगिरी,भ्रष्टों की भी भ्रष्टगिरी, गुंडो की भी गुंडागिरी देखली जी देश ने ।
वोटों के ही सर पे दुशाले ताने खड़े जो मुलायम की दादागिरी देखली जी देश ने ।
पुरुषों की गोद मे जा धम से पसर जाना ,राधे माँ की राधागिरी देखली जी देश ने ।
अनिल जैन उपहार
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