रिश्तों के बीच
गहराती
गलत फहमियां मिटाने
का
नही होता है
कोई मुहूर्त ,
बस इस
मोबाइल संस्कृति से
बाहर आइये,
थोडा सा वक़्त
उन अपनो के लिए भी
निकालिये जो -
हर सांस अपनी निचोड़ गए
हमारी सांसों के लिए।
सिर्फ कुछ पल
बतिया लीजिये बूढ़ी आंखों के
साथ
उनकी उम्र बढ़ जाएगी
और हमारी सांसे ।
अनिल जैन उपहार
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