काव्यांजलि
Wednesday, January 11, 2023
मुक्तक
एक पल तो वक़्त के सांचे में ढल कर देखिये ।
रंग जीवन के अधुरे फिरसे भरकर देखिये ।
ग़म के छितराए ये बादल एक दिन छंट जायेंगे ।
कुछ कदम तो साथ मेरे आप चलकर देखिये ।
----------अनिल उपहार ------
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