Sunday, June 19, 2016

फादर्स दे पर

अभावों के शीला लेख पर लिखी इबारत है पिता ।

दुर्दिनों के दौर में भी थपकी भरी हिदायत है पिता ।

तमाम उम्र तरसते रहै खुद छत के वास्ते ।

बच्चों के हौसलों की जियारत है पिता ।

,,,,,,,अनिल उपहार

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