मेरे बालों को उँगलियों से कौन गूंथेगा ।
मेरे ज़ख्मों को दे के थपकी कौन चूमेगा ।
टकटकी बांध के दरवाजे पे दौड़ी आना
बेटा आया के नहीं अब ये कौन पूछेगा ।
अनिल उपहार
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