Saturday, January 7, 2017

कविता (मैं लड़की हूँ )स्मृति उपहार

आज मेरी बेटी स्मृति उपहार ने लिखी पहली कविता ।वो आप से अपना  आशीष चाहती है ।।।।।।

-----------------------------
हर वक़्त क्यों दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है ?
मै आत्म निर्भर हूँ ये काफी नहीं ।
हर वक़्त क्यों खुद कों साबित करना पड़ता है ?
क्या मै एक लड़की हूँ काफी नहीं ।
हर वक़्त क्यों दबाया जाता है ?
मै खुलना चाहती हूँ काफी नहीं ।
हर वक़्त क्यों पर काटे जाते है ?
मै उड़ना चाहती हूँ काफी नहीं ।
हर वक़्त क्यों जीने की वजह पूछी जाती है ?
मै जीना चाहती हूँ यह काफी नहीं ।
हर वक़्त क्यों दूसरों की पहचान दी जाती है ?
मै खुद की पहचान बनाना चाहती हूँ यह काफी नही ।
अनुत्तरित है बहुत से प्रश्न जो चाहते है तुमसे समाधान
आप दोगे न जवाब ???????

----------स्मृति उपहार -------

No comments:

Post a Comment