मेरी यादों की कश्ती में वो दुनियाँ घूम लेता है ।
गुज़ारे साथ जो लम्हे उन्ही पर झूम लेता है ।
छुआ जिस दिन उसे मैंने तो सुध बुध भूल बैठा वो
आईना सामने रख कर के खुद को चूम लेता है ।
#@कॉपीराइट अनिल उपहार
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