Tuesday, December 27, 2022

कविता स्मृति उपहार

मेरी बिटिया की दूसरी कविता आपके स्नेह और आशीष की कामना के साथ ।

उम्मीद 
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उम्मीद, पूरी  हो जाये तो ज़िन्दगी के मायने बदल देती है 
और अधूरी रह जाये तो जिंदगी बदल देती है ।
उम्मीद, विश्वास है कि मन्ज़िल जरूर मिलेगी
विश्वास पूरा हो तो क्या कहने ?
उम्मीद गर पूरी हो तो ख़ुशी का मन्ज़र ही कुछ और होगा 
गर न मिले तो अनुभवो के गुलदस्तों की 
प्यारी महक छोड़ जाती है ।
कहते है कि उम्मीद पर ही दुनियां कायम है 
जब उम्मीद टूटती है तो 
विश्वास के कांच को टुकड़ो में बदल देती है ।
टूटे हुए टुकड़े हमे याद दिलाते है 
उस अहसास की 
जिसकी हमने कभी उम्मीद की थी ।
उम्मीद ,हिस्सा है अहसासों का 
जो ज़िन्दगी के किस्से बुनता है ।
और यही किस्सा 
जीवन के सतरंगी सपनो का तैयार करता है 
भव्य महल ।
इसी महल में सिमटे होते है हजारो स्वप्न 
जो तय करते है 
जीवन की दशा और दिशा ।
और यही उम्मीद आज भी है कायम
कि सपने सच होंगे सारे 
जो कभी हमने देखे थे किसी उम्मीद से ।

समृति उपहार

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