राजे उल्फत को अपने दिल में छुपाये रखिये ।
ये सफर है इसे कदमों से मिलाये रखिये ।
वक़्त की धूप में जलना तो अपना लाज़िम था
अपने आँचल को ज़माने से बचाये रखिये ।
अनिल जैन उपहार
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