हर व्यथा उत्कर्ष की नव द्वार है ।
प्रत्यूष,ग़म की रात का श्रंगार है ।
मधुर मुस्कान फूलों की ,धरा पर
संघर्ष से उपजा अनोखा प्यार है ।
---------अनिल उपहार ------
प्रत्यूष,ग़म की रात का श्रंगार है ।
मधुर मुस्कान फूलों की ,धरा पर
संघर्ष से उपजा अनोखा प्यार है ।
---------अनिल उपहार ------
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