मेरा मकसद है यही तू सदा ही शाद रहे ।
उसकी रहमत से दिल की बस्ती भी आबाद रहे ।
मिलन के साथ जुदाई का दौर आता है ।
मै तुझमे और तू मुझमे ही जिन्दा बाद रहे ।
------अनिल उपहार ---------
उसकी रहमत से दिल की बस्ती भी आबाद रहे ।
मिलन के साथ जुदाई का दौर आता है ।
मै तुझमे और तू मुझमे ही जिन्दा बाद रहे ।
------अनिल उपहार ---------
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