धरा की मांग भरने का हँसी श्रंगार का दिन है ।
मिलन के गीत मंगलगान मंगलाचार का दिन है ।
ह्रदय आँगन में उतरा प्रेम था जब अवतरित होकर
सुना है आज का दिन प्यार के इकरार का दिन है ।
---------अनिल उपहार -----
मिलन के गीत मंगलगान मंगलाचार का दिन है ।
ह्रदय आँगन में उतरा प्रेम था जब अवतरित होकर
सुना है आज का दिन प्यार के इकरार का दिन है ।
---------अनिल उपहार -----
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