मेरे हर गीत का अंदाज़ ओ आगाज़ है तू ।
मेरी सांसों में जो खनके वो मधुर साज है तू ।
तुझसे सीखा है हुनर मैंने लिखने पढने का
तू ही किरदार है मेरा मेरी आवाज़ है तू ।
---------अनिल उपहार ------
No comments:
Post a Comment