संस्कार विहीन होता परिवेश और मर्यादा खोरहा आज का युवा रिश्तों के अंक गणित कों क्या समझ पायेगा और दाग दार होते दामन कों किस तरह बचायेगा । उलझे है कुछ सवाल जो चाहते है समाधान । क्या ????कोई देगा जवाब ।।।।। ------अनिल उपहार ---
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