पहली बार मिले थे हम तुम यार पता ज़िंदा रखना ।
जब जब हमने की है खताएं यार खता ज़िंदा रखना ।
हमने तो बस मांगी दुआएँ तेरी ही खुशहाली की
ग़म में भी मुस्काने की तुम यार अदा ज़िंदा रखना ।
--------------अनिल उपहार ----/-
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